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Tuesday, December 27, 2011

न्यू ईयर का हंगामा और फ़लाना ढ़िमकाना ब्रांड व्हिस्की

न्य़ू ईयर का हंगामा बरप रहा था, वह कोई बहुत बड़ी सिटी तो नहीं परंतु हाँ उसके लिये तो शायद बहुत बड़ी थी क्योंकि शायद उसके सपने भी उतने बड़े ही थे या यों कह लो कि उसके सपने बहुत छोटे थे। रात घिर रही थी, हर जगह न्यू ईयर का शोर मच रहा था। वह भी अपने एक दोस्त के साथ पौवा लगाकर घर लौट रहा था, सोचा कि अब और कोई दोस्त तो है नहीं इस शहर में, घर पर जाकर सोकर ही न्यू ईयर मना लिया  जाये ।

फ़िर भी आस में एक चौराहे पर खड़े होकर गुमटी दिखते ही कश लगाने की एक गहरी इच्छा मन में आ गई, कि शायद कोई होस्टल में रहने वाला कोई उसका दोस्त नयू ईयर की पार्टी में ले चले, परंतु किस्मत इतनी जोरदार नहीं थी, तभी उसके साथ पढ़ने वाला जो कि अब आजकल इसी शहर में था मिल गया, और वह किराये के मकान में रहता था। न्यू ईयर की पार्टी के लिये समान खरीदने जा रहा था जैसे कि व्हिस्की, रम जौर मुर्गा।

बस उसके लिये क्या था बोला कि चलो आज न्यू ईयर पर व्हिस्की मारेंगे और मुर्गा सूतेंगे। ठेके पर व्हिस्की लेने पहुँचे तो पता चला कि फ़लाना ब्रांड नहीं है और केवल एक ढ़िमकाना ब्रांड है जो कि उसके गले से उतरता नहीं था, पर दोस्त बोला कि चल आज ये ही सही। पूरा खंबा और पीने वाले दो लोग, धीरे धीरे गटकाते हुए न्यू ईयर की चीयर्स होती रही।

पीने के बाद उसे थोड़ा तबियत नासाज लग रही थी और सोचा कि इधर ही कै कर ली जाये परंतु फ़िर सोचा कि ये साले क्या सोचेंगे कि पीने के बाद हजम भी नहीं हुई और मुँह से निकाल कर चल दिया। छोड़ो  जैसे तैसे सारा इल्जाम उस ढ़िमकाने ब्रांड पर लगाया, कितना गन्दा ब्रांड है और आज के बाद कभी इस ब्रांड की व्हिस्की नहीं पीने का और इसीलिये इस ब्रांड को पीता नहीं था। कितनी भी कम पियो चढ़ती तो जरूर है, जब सरूर सिर पर होता है तो सब कुछ नाचने लगता है। सोच समझकर बोलना और सोच समझकर सुनना, कहीं गलत बोल न दिया जाये और कहीं गलत सुन ना लिया जाये

खैर उसको क्या उसका तो न्यू ईयर हो गया था, एक नई सीख के साथ कि ढ़िमकाने ब्रांड की व्हिस्की नहीं पीनी चाहिये।

नव वर्ष की शुभकामनाएँ ।

11 टिप्पणियाँ:

  1. अपनी ताब देख नाप होनी चाहिए !
    हैप्पी न्यू ईयर !

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  2. ......विद लल्लन टॉप ब्रैंड !

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  3. वैसे 'चिकनी चमेली' का पौव्वा भी नए साल में आजमाया जा सकता है !

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  4. एक साल और प्रतीक्षा करे फलानी ब्राण्ड की। या फिर एक साल में पीना छोड़ दे। :)

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  5. हम तो पीते ही नहीं :P


    अरे भैया...मेरा कमेन्ट स्पैम से हटा दीजिए...गूगल को पता नहीं क्या दुश्मनी है..आपके ब्लॉग में मेरा कमेन्ट दिख नहीं रहा :(

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  6. यह सब मूर्खता के सिवाय और कुछ नहीं।

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  7. यह सब मूर्खता के सिवाय और कुछ नहीं।

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  8. ये बढिया हुआ। खराब ब्रांड वाली खप भी गयी और एक ठो जानकारी भी मिल गयी। :)

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  9. बिना ब्राण्ड के तो सारा साल ही खराब हो जायेगा।

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  10. sachi tasveer dikhayee aapne..
    in peene walon ki to pucho nahi..
    navvarsh kee haardik shubhkamnayen!

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