न्य़ू ईयर का हंगामा बरप रहा था, वह कोई बहुत बड़ी सिटी तो नहीं परंतु हाँ उसके लिये तो शायद बहुत बड़ी थी क्योंकि शायद उसके सपने भी उतने बड़े ही थे या यों कह लो कि उसके सपने बहुत छोटे थे। रात घिर रही थी, हर जगह न्यू ईयर का शोर मच रहा था। वह भी अपने एक दोस्त के साथ पौवा लगाकर घर लौट रहा था, सोचा कि अब और कोई दोस्त तो है नहीं इस शहर में, घर पर जाकर सोकर ही न्यू ईयर मना लिया जाये ।
फ़िर भी आस में एक चौराहे पर खड़े होकर गुमटी दिखते ही कश लगाने की एक गहरी इच्छा मन में आ गई, कि शायद कोई होस्टल में रहने वाला कोई उसका दोस्त नयू ईयर की पार्टी में ले चले, परंतु किस्मत इतनी जोरदार नहीं थी, तभी उसके साथ पढ़ने वाला जो कि अब आजकल इसी शहर में था मिल गया, और वह किराये के मकान में रहता था। न्यू ईयर की पार्टी के लिये समान खरीदने जा रहा था जैसे कि व्हिस्की, रम जौर मुर्गा।
बस उसके लिये क्या था बोला कि चलो आज न्यू ईयर पर व्हिस्की मारेंगे और मुर्गा सूतेंगे। ठेके पर व्हिस्की लेने पहुँचे तो पता चला कि फ़लाना ब्रांड नहीं है और केवल एक ढ़िमकाना ब्रांड है जो कि उसके गले से उतरता नहीं था, पर दोस्त बोला कि चल आज ये ही सही। पूरा खंबा और पीने वाले दो लोग, धीरे धीरे गटकाते हुए न्यू ईयर की चीयर्स होती रही।
पीने के बाद उसे थोड़ा तबियत नासाज लग रही थी और सोचा कि इधर ही कै कर ली जाये परंतु फ़िर सोचा कि ये साले क्या सोचेंगे कि पीने के बाद हजम भी नहीं हुई और मुँह से निकाल कर चल दिया। छोड़ो जैसे तैसे सारा इल्जाम उस ढ़िमकाने ब्रांड पर लगाया, कितना गन्दा ब्रांड है और आज के बाद कभी इस ब्रांड की व्हिस्की नहीं पीने का और इसीलिये इस ब्रांड को पीता नहीं था। कितनी भी कम पियो चढ़ती तो जरूर है, जब सरूर सिर पर होता है तो सब कुछ नाचने लगता है। सोच समझकर बोलना और सोच समझकर सुनना, कहीं गलत बोल न दिया जाये और कहीं गलत सुन ना लिया जाये
खैर उसको क्या उसका तो न्यू ईयर हो गया था, एक नई सीख के साथ कि ढ़िमकाने ब्रांड की व्हिस्की नहीं पीनी चाहिये।
नव वर्ष की शुभकामनाएँ ।

अपनी ताब देख नाप होनी चाहिए !
ReplyDeleteहैप्पी न्यू ईयर !
......विद लल्लन टॉप ब्रैंड !
ReplyDeleteवैसे 'चिकनी चमेली' का पौव्वा भी नए साल में आजमाया जा सकता है !
ReplyDeleteएक साल और प्रतीक्षा करे फलानी ब्राण्ड की। या फिर एक साल में पीना छोड़ दे। :)
ReplyDeleteहम तो पीते ही नहीं :P
ReplyDeleteअरे भैया...मेरा कमेन्ट स्पैम से हटा दीजिए...गूगल को पता नहीं क्या दुश्मनी है..आपके ब्लॉग में मेरा कमेन्ट दिख नहीं रहा :(
यह सब मूर्खता के सिवाय और कुछ नहीं।
ReplyDeleteयह सब मूर्खता के सिवाय और कुछ नहीं।
ReplyDeleteये बढिया हुआ। खराब ब्रांड वाली खप भी गयी और एक ठो जानकारी भी मिल गयी। :)
ReplyDeleteबिना ब्राण्ड के तो सारा साल ही खराब हो जायेगा।
ReplyDeleteबेचारी ढ़िमकाने
ReplyDeletesachi tasveer dikhayee aapne..
ReplyDeletein peene walon ki to pucho nahi..
navvarsh kee haardik shubhkamnayen!