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Thursday, September 01, 2011

होगेन्नाकल जलप्रपात अप्रितम सौंदर्य (Hogenakkal Fall)

    होगेन्नाकल जलप्रपात  अप्रितम प्राकृतिक सौंदर्य से ओत प्रोत है, कावेरी नदी की अथाह जलराशि देखते ही बनती है। चारों तरफ़ कल कल बहता जल, कहीं बिल्कुल शांत तो कहीं अपनी अल्हड़ जवानी से रंगा हुआ तेज धारा के साथ फ़ुहारों को आसमान में उड़ाता हुआ।

Hogenakkal Fall 15

    बैंगलोर से लगभग २२० किमी. की दूरी पर है होगेन्नाकल, जहाँ कृष्णागिरी, धरमपुरी होते हुए जाया जा सकता है। सड़क बहुत अच्छी है, केवल २ - ३ किमी ही ठीक नहीं है। सड़क मार्ग से जाते हुए दोनों तरफ़ प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बनता है, कभी चावल के खेत तो कहीं मक्का याने के भुट्टे के, और हर तरफ़ नारियल के पेड़ों की छटा तो देखते ही बनती थी। दोनों ओर पहाड़ियों ने रास्ते को और सुंदर बना दिया था। जब हाईवे से होगेन्नाकल जलप्रपात के लिये मुड़ते हैं, तो थोड़े आगे ही एक चौराहे पर मशहूर तस्कर वीरप्पन को मुठभेड़ में मारा गया था,  लगभग ४ घंटे में हम होगेन्नाकल जलप्रताप पहुँच गये। हमारे चालक महोदय को दक्षिण भारत की अच्छी खासी जानकारी थी।

Hogenakkal Fall 1 Hogenakkal Fall 2

    होगेन्नाकल जलप्रपात का रास्ता तमिलनाडु से है, और कर्नाटक की तरफ़ वाले जलप्रपात के लिये वहाँ से खास तरह की नाव जो कि टोपले की तरह होती है, उससे जाना पड़ता है, बारिश के कारण कावेरी अपने भरपूर उफ़ान पर थी, और उस नाव पर हमें ज्यादा भरोसा नहीं था, इसलिये नाव की सवारी न करने का ही फ़ैसला किया।

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    हम मुख्य जलप्रपात की ओर बड़ चले जो कि तमिलनाडु राज्य की सीमा मॆं आता है और एक मुख्य जलप्रपात कर्नाटक की सीमा मॆं भी है, वैसे लगभग १५-२० जलप्रपात कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों राज्यों की सीमा में आते हैं। एक साथ इतने सारे जलप्रपातों को एक साथ देखना सुखद अनुभूति देता  है, प्राकृतिक सौंदर्य से लकदक पहाड़ी क्षैत्र घूमने में आनंदित थे और जलराशि का आनंद ले रहे थे।

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    जल अपनी रफ़्तार से जगह जगह हिलोरे मार रहा था और बीच में पत्थर के पहाड़ और बड़े बड़े पत्थर उन हिलोरों में बाधा बन रहे थे जो कि अभूतपूर्व दृश्य उपस्थित कर रहा था। लोग अपने आप को उस अप्रितम जलराशि में जाने के लोभ का संवरण नहीं कर पा रहे थे और सभी लोग जलराशि की और खिंचे जा रहे थे, सभी अपने अपने तरह से जगह जगह जलक्रीड़ा में मग्न थे। हम भी अपने पैरों को कावेरी के जल में डूबोकर उस वातावरण के आनंद में डूब गये और बहती हुई जलराशि की मधुर ध्वनि अपनी और आकर्षित कर रही थी।

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    जलप्रपात को देखने के बाद और जलराशि के संपूर्ण रस का आस्वादन करने के बाद जब वापिस से किनारे जाने की बारी आई तो इस बार हमने नाव से जाना निश्चित किया और उसी विशेष नाव जो कि टोपले के आकार की थी, उसमें बैठकर गये। पहले बैठते समय डर लगा परंतु जब तक किनारे पहुँचे तब तक थोड़ा डर कम हो चुका था।

    होगेन्नाकल में बहुत सारी छोटी छोटी रसोईयाँ बनी हुई हैं, और बैठने के लिये जगह भी बनी हुई हैं, रसोई से खाना खा सकते हैं, परंतु शुद्ध शाकाहारी की उम्मीद नहीं की जा सकती । यहाँ का मुख्य भॊजन मछली ही है, जहाँ देखो वहाँ तली हुई मछली मिल रही थी, लोग चख भी रहे थे। जैसे जैसे दोपहर होते जा रही थी, तमिलनाडु अपनी गर्मी का पूरा अहसास करवा रहा था।

    होगेन्नाकल एक छोटा सा गाँव है, पर जलप्रपात ने इस क्षैत्र को पूर्ण व्यवसायिक बना दिया है और जहाँ देखो वहाँ छोटे छोटे टिकट लगा दिये हैं, होगेन्नाकल में एन्ट्री का ३० रूपये और पुलिस वाले को ५० रूपये देना ही होते हैं, वरना ये लोग गाड़ी को आगे जाने ही नहीं देते हैं। जलप्रपात पर जाने के लिये दो तीन जगह ५ रूपये प्रति व्यक्ति टिकट और कैमरे के लिये एक जगह १० रूपये का टिकट देना होता है।

    होगेन्नाकल का विकास अभी जारी है और अभी वहाँ के गाँव वाले अभी मुनसिब दाम ही लगा रहे हैं, परंतु जिस तेजी से व्यवसायिकरण बड़ रहा है वे भी कब तक बचेंगे।

    बैंगलोर लौटते समय अड्यार आनंद भवन में खाना खाया, जो कि असल तमिलनाडु का स्वाद है। आनंद भवन बैंगलोर से लगभग ८० किमी दूर है।

9 टिप्पणियाँ:

  1. अच्छी प्रस्तुति के लिए बधाई तथा शुभकामनाएं !

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  2. बढ़िया लगा विवरण और चित्र दोनों...बेवजह के पैसों का लेन देन शुरुवात के दिनों में बहुत होता है...एक बार नियमित पर्यटन विकास हो जाये तो लगभग ठीक हो जाता है...

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  3. पिछले वर्ष गये थे, बहुत आनन्द आया था।

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  4. होगेन्नाकल की सफ़र और नयनाभिराम चित्रों के लिए आभार

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  5. बहुत सुन्‍दर जगह है, देखने के लिए मन ललचा गया।

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  6. नयनाभिराम दृश्य,सैर कराने के लिए धन्यवाद.

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  7. वाह बेहतरीन जगह है ये...

    आपके साथ साथ हम भी घूम आये... :) बिना टिकट कर खर्चा किये.. आभार.

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  8. विवरण और चित्र मानों 'मणी-कांचन' का मेल है। बैंगलोर में रहना सार्थक कर रहे हैं आप।

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  9. वाह यह तो देसी नियाग्रा फॉल है।

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