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Tuesday, May 25, 2010

ऐसे ही कुछ भी, कहीं से भी यात्रा वृत्तांत भाग – ७ [कुछ चित्र मेरी यात्रा के, धौलपुर, उज्जैन रामघाट, महाकाल नंदीगृह और विजयपथ उपन्यास]


धौलपुर के कुछ फ़ोटो, जो कि हमने रिक्शे पर से अपने नये मोबाईल से खींचे।

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धौलपुर स्टेशन के कुछ और फ़ोटो जिसमें हमारे “लाल” लाल रंग के कपड़ों में नजर आ रहे हैं, इन्हें श्टाईल में फ़ोटो खिंचाने का बहुत शौक है।

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स्टेशन के कुछ फ़ोटो और ट्रेन में बैठने के बाद के कुछ फ़ोटो…

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उज्जैन रामघाट के कुछ फ़ोटो, मतलब नदी किनारे, जहाँ सिंहस्थ पर पैर रखने की जगह नहीं होती है।

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महाकाल मंदिर उज्जैन के नंदीगृह में खींचा गया फ़ोटो

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विजयपथ उपन्यास जो कि इस बात उज्जैन प्रवास पर हमने पढ़ा। ओमप्रकाश कश्यप जी इसके लेखक हैं और आपका ब्लॉग भी है।

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जारी ....

9 टिप्पणियाँ:

  1. ये भी बढ़िया रहे चित्र

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  2. वाह वाह सुंदर चित्रण. शब्दों की आवश्यकता ही समाप्त हुई

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  3. बहुत बढिया चित्र जी

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  4. इस समय तो धौलपुर की गर्मी असहनीय होगी ?

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  5. पहुंच गये धौलपुर,
    कैसी ट्रेन थी, इतने दिन लगा दिये, किसी पैसेंजर ट्रेन में बैठते तो वो भी अब तक तो पहुंचा देती।

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  6. @प्रवीण जी - धौलपुर में दोपहर दो बजे निकले थे मिलने के लिये तो वहाँ लू चलने लग गयी है और लगभग ४७ तापमान था, और चारों तरफ़ से आग की लपटें आ रही हों ऐसा लग रहा था।

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  7. @नीरज जी - ट्रेन तो अच्छी थी पर लिखने वाली ट्रेन थोड़ी पैसेन्जर थी :)

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