कल्पतरु: दिखने वाली शायरी आलसियों के लिये (Visual Shayari Aaalasiyo ke liye)

Tuesday, November 03, 2009

दिखने वाली शायरी आलसियों के लिये (Visual Shayari Aaalasiyo ke liye)

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5 टिप्पणियाँ:

खुशदीप सहगल said...

भोली सी सूरत आए हाए...

कौन न मर जाए इस मासूम नहायी हुई अदा पर...

जय हिंद...

Mishra Pankaj said...

मस्त है यह भी शेर

वन्दना said...

bahut khoob.

राज भाटिय़ा said...

मजे दार जी

शरद कोकास said...

यह बड़िया प्रयोग है पसन्द आया ।

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