कल्पतरु: खोया हुआ मोबाईल वापिस मिला, मुम्बई की ईमानदारी की “जय हो”

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Sunday, July 19, 2009

खोया हुआ मोबाईल वापिस मिला, मुम्बई की ईमानदारी की “जय हो”

दो दिन पहले हमारा खोया हुआ मोबाईल वापिस मिल गया। हमारे  सेमसंग मोबाईल में हमने ट्रेकर चालू किया हुआ था और जैसे उसमें नई सिम डाली गई हमारे पास उस नये नंबर से एस.एम.एस. आ गया। हमने फ़ोन करके उससे कहा कि ये तो हमारा मोबाईल है जो थोड़े दिनों पहले लापता हो गया था। तो उसने हमसे टाईम और जगह फ़िक्स कर हमारा मोबाईल वापिस कर दिया। बस हमें हमारा १जीबी का मेमोरी कार्ड नहीं मिला और मोबाईल में एक भी नंबर नहीं मिला, बस मोबाईल मिल गया वही बड़ी बात है। एस.एम.एस. और फ़ोटो वह देख/पढ़ नहीं पाया क्योंकि हम ये हमेशा पासवर्ड के जरिये सुरक्षित रखते हैं। क्योंकि हमारा यह मानना है कि ये दो चीजें मोबाईल में निजी होती हैं और इन्हें सुरक्षित रखना चाहिये तो ये दोनों चीजें हमें सुरक्षित मिलीं।

 

वह एक आटो वाला था जिसे मेरा मोबाईल उसके आटो में पड़ा मिला जो किन्हीं अज्ञात लोगों द्वारा फ़ेंका गया था। उसमें न सिम थी और न ही कोई मोबाईल नंबर।

 

आखिर क्या है यह सेमसंग मोबाईल ट्रेकर -

सेमसंग मोबाईल में मोबाईल ट्रेकर फ़ोन सिक्यूरिटीज में होता है जिसमें आप कोई भी दो मोबाईल नंबर फ़ीड कर सकते हैं, जब भी सिम बदलेगी तो हमेशा एक एस.एम.एस. इन दो मोबाईल नंबरों पर चला जायेगा और आपको पता चल जायेगा कि कौन आपके मोबाईल का उपयोग कर रहा है, अब वो भले ही कितने ही सिम बदल ले, आपको हर नंबर पता होगा क्योंकि आपके पास उतनी ही बार एस.एम.एस. आ जायेगा। है ना कमाल की सुविधा।

ज्यादा जानकारी के लिये यहां चटका लगा सकते हैं।

14 टिप्पणियाँ:

मुनीश ( munish ) said...

sundar baat !

रचना said...

wonderful and useful information

काजल कुमार Kajal Kumar said...

मुबारक हो. अच्छी जानकारी है सैमसंग उपभोक्ताओं के लिए.

जादू.... jaadoo said...

लेकिन केवल सैमसंग ।

सैयद | Syed said...

तकनीक ने चीजें कितनी आसान कर दी है ना....

बी एस पाबला said...

ऐसे अनेकों सॉफ्टवेयर मौजूद हैं जिन्हें गैर-सैमसंग (पात्र) मोबाईलों में भी डाला जा सकता है।

एक अच्छी जानकारी साझा करने के लिए आभार

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

badhai ho... humesha dhyaan rakhna hi chahiye aisee cheezo ka

अविनाश वाचस्पति said...

सैयद जी तकनीक ने आसान तो कर दी हैं
पर पैदा भी तो तकनीक ने ही की हैं मुश्किलें
न मोबाइल पैदा होता
न खोता
न पाने वाला रोता
न खोने वाला खोता।

खैर ...
अब तो आसानियां भी दुश्‍वारियां नजर आती हैं हमें

अविनाश वाचस्पति said...

अरे विवेक जी को बधाई देना तो भूल ही गए
और उस आटो वाले को भी बधाई।

डॉ. मनोज मिश्र said...

पहले तो आप बधाई लें की आपका फोन मिल गया और आपने एक जानकारी भी दी.

निशांत मिश्र - Nishant Mishra said...

दिल्ली और मुंबई में ये भी बड़ा अंतर है. वहां के पोकेटमार आपके पते पर आपकी ज़रूरी चीज़ें, जैसे कार्ड और कागजात भेज देते हैं ताकि जेब काटने का गम ज्यादा न हो.

venus kesari said...

प्रभू ये तो कमाल हो गया

मगर niokia E७५ भी ले ही डालिए

वीनस केसरी

Vivek Rastogi said...

वाकई मोबाईल मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है, आप सभी की शुभकामनाओं के साथ होने से वह मिल गया। धन्यवाद ।

विजय वडनेरे said...

मोबाईल ट्रेकर सॉफ़्टवेअर है तो बहुत काम का पर कुछ तो तकनीकि कमी (या फ़िर मार्केटिंग स्ट्रेटेजी)है जो यह सुविधा (सैमसंग के भी) हर फोन में उपलब्ध नहीं है।

मेरे SGH-i780 में यह in-built नहीं है। पुछने पर सर्विस सेंटर वाले कहते हैं कि इसमें नहीं लग सकती। कारण उन्हें भी नहीं पता।

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